अंग्रेजी

अंग्रेजी [A - Z Topics / Notes - Hindi to English Translation / Grammar]. हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद करने बनाने के सभी Formulas, Rules, Sentence with Examples. अंग्रेजी सीखने तथा बोलने लिए इंग्लिश (Spoken English in Hindi) के सभी महत्तवपूर्ण टॉपिक्स नोट्स & ट्रिक्स आदि।

पढ़ें:➜ अंग्रेजी के सभी टॉपिक्स/ नोट्स

गणित

गणित के सभी बोर्ड एवं सरकारी परीक्षा हेतु उपयोगी अध्याय, All Mathematics Topics/ Tricks & Shortcut Notes. गणित के सभी प्रश्नों के लिए फार्मूला/ शार्टकट्स/ ट्रिक्स, नोट्स और उदाहरण, Sarkari Exams Maths eBooks & PDF Notes in Hindi

पढ़ें:➜ गणित के सभी टॉपिक्स

रीजनिंग

रीजनिंग के सभी Exam से सम्बंधित अध्याय , All Reasoning Tricks in Hindi रीजनिंग के शार्टकट्स और उदाहरण, रीजनिंग के प्रश्न, Reasoning ebooks & PDF

पढ़ें:➜ रीजनिंग के सभी टॉपिक्स

सामान्य ज्ञान (GK)

सामान्य ज्ञान के सभी परीक्षाओं से सम्बंधित अध्याय , All GK Tricks in Hindi सामान्य ज्ञान के शार्टकट्स और ट्रिक्स, सामान्य ज्ञान के इम्पोर्टेन्ट प्रश्न, GK ebooks & PDF

पढ़ें:➜ सामान्य ज्ञान (GK) के सभी टॉपिक्स

हिंदी व्याकरण

हिंदी व्याकरण के सभी अध्याय, कक्षा १ से लेकर १२ तक, हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक तथा परास्नातक के लिए हिंदी व्याकरण, बोर्ड और सरकारी एक्साम्स हेतु सभी महत्त्वपूर्ण टॉपिक्स/ नोट्स ट्रिक्स एवं इ-बुक आदि।

पढ़ें:➜ हिंदी व्याकरण के सभी टॉपिक्स

Download Free Notes/ PDF/ e- Book

डाउनलोड करें- सरकारी एग्जाम एवं बोर्ड परीक्षाओं के लिए बेहतरीन नोट्स, पीडीऍफ़ फ्री- बुक और स्टडी मटेरियल, Dowload 100% Free e-Book / PDF Notes & Study Material for State / Central Government Board Exam, Jobs & Sarkari Examinations in Hindi

Download:➜ डाउनलोड करें


Latest Posts:


A-Z Matrix - Hand Written PDF Notes | Mathematics Matrices [Free Download]

 


  • You can Read and Directly Download A-Z Matrix - Hand Written PDF Notes from the Link at the end of this post. 
  • A-Z Matrix - Hand Written PDF Notes on Mathematics Matrices [Free Download].
  • Matrices pdf notes.
  • Solved problems on matrices and determinants pdf.
  • Matrix chapter in Mathematics for 1st & 2nd-year pdf download.
  • A-Z matrices pdf free.
  • Matrices Pdf Notes for High School and Intermediate.
  • Basic of Matrix in Mathematics pdf Class 6th, 7th, 8th, 9th, 10th, 11th & 12th.
  • Matrix in linear algebra handwritten notes pdf.
  • Matrices Notes class 11 &12 Class pdf.
  • Matrix b.sc 1st, 2nd & 3rd-year Mathematics pdf Notes.
  • Mathematics Matrices PDF notes for Competitive/ Exams/ Govt. Jobs / Sarkari Exams / Government Examinations.
  • Matrices Notes pdf
  • Matrices class 11 pdf
  • Matrices class 12 pdf
  • Directly Download A-Z Matrix from the button at the last of this page.
  • Free Download Pdf Notes for All Exams


सर्वनाम - परिभाषा, भेद, उदाहरण एवं प्रश्न/अभ्यास | Sarvanam in Hindi

सर्वनाम, सर्वनाम किसे कहते हैं? सर्वनाम की परिभाषा, सर्वनाम के भेद या सर्वनाम के प्रकार, सर्वनाम के उदाहरण एवं सर्वनाम के अभ्यास (प्रश्न/उत्तर), Sarvanam in Hindi, Sarvanam ki Paribhasha, Sarvanam ke bhed, Sarvanam Definition in Hindi, Sarvanam ke Prakar.

सर्वनाम / Sarvanam in Hindi

सर्वनाम किसे कहते हैं?

उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर समझने के लिए निम्नलिखित दिए गए पैराग्राफ की पंक्तियों पर ध्यान दें-

       डॉविक्रम साराभाई बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।

डॉविक्रम साराभाई उच्च कोटि के वैज्ञानिक और कुशल प्रशासक थे। डॉविक्रम साराभाई ने प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है।

       उपर्युक्त गद्यांश पढ़ते समय डॉविक्रम साराभाई का नाम बार-बार आने से भाषा में अटपटापन गया है। बार-बार नाम की आवृत्ति से भाषा के प्रवाह में रुकावट उत्पन्न हो रही है। यदि इसे इस प्रकार लिखें तो- डॉविक्रम साराभाई बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे वे उच्च कोटि के वैज्ञानिक और कुशल प्रशासक थे उन्होंने प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए।

        इस बार हमने डॉविक्रम साराभाई के नाम की आवृत्ति से बचने के लिए उनके नाम के स्थान पर 'वे' और 'उन्होंने' शब्दों का प्रयोग किया है और इससे अटपटापन दूर हो गया तथा प्रवाहमयता भी बनी रही।

         डॉविक्रम साराभाई संज्ञा शब्द है और उसके स्थान पर 'वे' और 'उन्होंने' शब्दों का प्रयोग किया गया है। यह शब्द 'सर्वनाम' कहलाते हैं। 'सर्वनाम' शब्द और अक्षरों के मेल से बना है - सर्व + नाम।

         सर्व : जिसका अर्थ 'सब' होता है।

         नाम : कोई भी 'नाम' या किसी भी 'नाम' का उच्चारण होता है।

 

सर्वनाम की परिभाषा | Sarvanam ki Paribhasha 

जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किए जाते हैं, वे सर्वनाम कहलाते हैं। ( जिन शब्दों को संज्ञा के स्थान पर इस्तेमाल किया जाता है, इसे सर्वनाम कहते हैं।)

जैसे : मैं, हम, तुम, तू, आप, यह, ये, इन्होंने, वह, वे, उन्होंने, जो, सो आदि।

 

सर्वनाम के भेद | Sarvanam ke bhed

सर्वनाम के निम्नलिखित छह भेद हैं :

. पुरुषवाचक सर्वनाम (Purushavaachak Sarvanam)

. निजवाचक सर्वनाम (Nijavaachak Sarvanam)

. निश्चयवाचक सर्वनाम (Nishchayavaachak Sarvanam)

अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Anishchayavaachak Sarvanam)

. संबंधवाचक सर्वनाम (Sambandhavaachak Sarvanam)

. प्रश्नवाचक सर्वनाम (Prashnavaachak Sarvanam)

 

. पुरुषवाचक सर्वनाम 

पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद किए जाते हैं -

. उत्तम पुरुष ( मैं, हम)

. मध्यम पुरुष (तू, तुम, आप)

. अन्य पुरुष (वह, वे, यह, ये)


संज्ञा - परिभाषा, भेद, उदाहरण एवं अभ्यास (प्रश्न/उत्तर) | Sangya in Hindi

Sangya in Hindi, Sangya ki paribhasha, Sangya ke bhed / Sangya ke prakar (Vyaktivaachak Sangya, Jaativaachak Sangya, Bhaav-vaachak Sangya, Dravy-vaachak Sangya, Samooh-vaachak Sangya) Sangya ke udaharan in Hindi.

आज हम यहाँ इस पोस्ट में संज्ञा (in Hindi), संज्ञा की परिभाषा, संज्ञा के भेद या संज्ञा के प्रकार (व्यक्तिवाचक संज्ञा,जातिवाचक संज्ञा, भाववाचक संज्ञा, द्रव्यवाचक संज्ञा, समूहवाचक संज्ञा), संज्ञा के उदाहरण एवं संज्ञा के अभ्यास (प्रश्न/उत्तर) को पढ़ने तथा समझने का प्रयास करेंगे। हिंदी - व्याकरण में संज्ञा को समझने के लिए हमने यहाँ संज्ञा की परिभाषा और संज्ञा के उदाहरणों द्वारा बेहतर ढंग से समझने का प्रयास किया है।

संज्ञा - Sangya in Hindi

संज्ञा की परिभाषा - किसी व्यक्ति, वस्तु, प्राणी, भाव और जगह आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण- रामायण हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ है।

मछलियाँ नदी में तैर रही है।

बुराई से बचो।

खेतों की हरियाली ने सबका मन मोह लिया।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई है।

'रामायण', 'मछलियाँ', 'बुराई', 'हरियाली', 'महाराष्ट्र' तथा 'मुंबई' 'संज्ञा शब्द' हैं। इनके अतिरिक्त नदी, खेतों, ग्रंथ आदि भी संज्ञा शब्द हैं।

 

इस संसार में प्रत्येक व्यक्ति स्थान वस्तु भाव का कुछ कुछ नाम अवश्य होता है यह नाम ही 'संज्ञा' कहलाता है।

 

संज्ञा की पहचान -

जो खास व्यक्ति, वस्तु का ज्ञान (नाम) करावे व्यक्तिवाचक कहा जाता हैं संपूर्ण में जाति का बोध जो करावे जातिवाचक कहा जाता हैं।

किसी द्रव्य का नाम जो बोध करावे

उसे द्रव्यवाचक कहा जाता हैं।

जो भी नाम समूह बताये समूहवाचक कहते हैं।

जब भी गुण दोष भाव बताएं तब भाववाचक संज्ञा होती है।

 

संज्ञा के भेद | संज्ञा के प्रकार | Sangya ke bhed

हिंदी व्याकरण में संज्ञा के निम्नलिखित 3 भेद या प्रकार हैं-

1) व्यक्तिवाचक संज्ञा (Vyaktivaachak Sangya)

2) जातिवाचक संज्ञा (Jaativaachak Sangya)

3) भाववाचक संज्ञा (Bhaav-vaachak Sangya)


उपसर्ग और प्रत्यय - परिभाषा, भेद एवं उदाहरण | Upsarg aur Pratyay

उपसर्ग और प्रत्यय - परिभाषा, भेद एवं उदाहरण | Upsarg aur Pratyay | उपसर्ग (Upsarg), उपसर्ग की परिभाषा, उपसर्ग के प्रकार (भेद), उपसर्ग के उदाहरण, उपसर्ग के भेद -१)संस्कृत उपसर्ग, २)हिंदी उपसर्ग, ३) अरबी-फ़ारसी उपसर्ग, ४) अंग्रेजी उपसर्ग, प्रत्यय (Pratyay), प्रत्यय की परिभाषा, प्रत्यय के भेद (प्रकार)- १) कृत् प्रत्यय, २) तद्धित प्रत्यय, प्रत्यय के उदाहरण | Upsarg aur Pratyay ki pribhasha, Upsarg aur Pratyay ke Prakar (Bhed), Upsarg ki pribhasha , Pratyay ki pribhasha , Upsarg aur Pratyay ke Udahran.


उपसर्ग (Upsarg)

उपसर्ग दो शब्दों से मिलकर बना है- उप + सर्ग, उप का अर्थ होता है 'निकट या समीप' तथा सर्ग का अर्थ होता है 'रचना करना', इस प्रकार "उपसर्ग = समीप आकर एक नए शब्द का निर्माण करना" अर्थात "उपसर्ग किसी शब्द के शुरुआत में लगकर नए शब्द का निर्माण करता है। किसी भी शब्द में उपसर्ग जुड़ने के बाद उसका अर्थ परिवर्तित हो जाता है।"    

उपसर्ग की परिभाषा-

उपसर्ग की पहली परिभाषा- "किसी शब्द के वे शब्दांश या अवयव जो उस शब्द में आगे की ओर (आरम्भ में) से जुड़कर उसका एक विशेष अर्थ प्रकट करें, तो इन्हे ही उपसर्ग कहा जाता है।" 

अथवा 

"उपसर्ग की दूसरी परिभाषा- जो शब्दांश मूल शब्दों से पहले जोड़कर उसके अर्थ में कुछ विशेषता लाते हैं अथवा उसे परिवर्तित कर देते हैं उन्हें उपसर्ग कहते हैं। उदाहरण अनु, प्र, अप, नि इत्यादि।"


उपसर्ग की दोनों ही परिभाषाएं बहुत ही सरल हैं। यहाँ आप उपसर्ग की किसी भी परिभाषा को याद रख सकते हैं। उपसर्ग की दोनों परिभाषाओं से उपसर्ग के बारे में पूर्ण जानकरी प्राप्त होती है। 


उपसर्ग के उदाहरण-

प्र + हार = प्रहार

वि +हार =विहार

उप + हार = उपहार

परि + हार= परिहार


लिंग - परिभाषा, भेद, १३ नियम & उदाहरण | Ling in Hindi

लिंग, लिंग किसे कहते हैं? लिंग क्या है? लिंग की परिभाषा, लिंग के उदाहरण, लिंग के भेद, लिंग के प्रकार, स्त्रीलिंग, पुल्लिंग, लिंग की पहचान करना, पुल्लिंग की पहचान, स्त्रीलिंग की पहचान, लिंग परिवर्तन करना, लिंग बदलने के रूल्स (नियम), पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के नियम, लिंग से  सम्बंधित अभयास, लिंग के प्रश्न / उत्तर - हिंदी व्याकरण।


लिंग - Gender / Ling in Hindi Vyakaran

लिंग- लिंग संस्कृत भाषा का शब्द है। लिंग का अर्थ / मतलब (Ling / Gender Meaning in Hindi) होता है "चिन्ह।  लिंग(चिन्ह) से तात्पर्य/अर्थ है किसी संज्ञा का चिन्ह(लिंग)।  संज्ञा का ऐसा चिन्ह (लिंग) जिससे उसकी स्त्री या परुष की पहचान (Identity) हो सके, तो उसे उस संज्ञा (जैसे- किसी व्यक्ति, वस्तु आदि) का लिंग कहते हैं। 

कोई भी व्यक्ति या वस्तु क्यों न हो उसकी पहचान 'नर' या 'मादा' के रूप में अवश्य होती है। इसी प्रकार यदि कोई जानदार जैसे- आदमी, औरत, लड़का, भेड़, बकरी, कौआ, गधा, घोडा, गाय, भैंस, बकरा, बैल आदि संज्ञाएँ तथा बेजानदार, जैसे- मेज, कुर्सी, पखा, किताब, दवात, बोतल, शीशी, डिब्बा आदि संज्ञाओं को उनकी जाति के अनुसार पुल्लिंग या स्त्रीलिंग बहुत ही आसानी से पहचान की जा सकती है। यहाँ इस पोस्ट में लिंग, लिंग की परिभषा  लिंग के भेद (प्रकार), लिंग की पहचान करना, लिंग को बदलने (परिवर्तित करने) के नियम सीखेंगे। 


लिंग की परिभाषा- Definition of Ling in Hindi

"शब्द के जिस रूप से किसी पदार्थ के पुरुष अथवा स्त्री जाति के होने का पता चले, वह 'लिंग' कहलाता है।"

अथवा 

"संज्ञा का वह रूप जिससे किसी व्यक्ति या वस्तु के नर अथवा मादा होने की जानकारी दे, तो उसे 'लिंग' कहते हैं।"


आसान भाषा में- 

किसी संज्ञा के जाति को "लिंग" कहा जाता  है। लिंग से यह पता चलता है की वह संज्ञा 'परुष जाति' की है या 'स्त्री जाति' की। 

जैसे- 

परुष जाति- आदमी, लड़का, बच्चा, कबूतर, मोर, घोडा, शेर, बैल, भैंसा, गधा, कुत्ता, बकरा आदि। 

स्त्री जाति- औरत, लड़की, बच्ची, कबूतरनी, मोरनी, घोड़ी, शेरनी, गाय, भैंस, गधी , कुत्तिया, बकरी आदि। 


लिंग के भेद - Kinds of Ling in Hindi

लिंग के दो भेद होते हैं-


१. पुल्लिंग -

शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध हो, उसे 'पुल्लिंग' कहते हैं।

जैसे - अध्यापक, भाई, वन, कमरा, भालू, ट्रक, गेहूँ, चीन, जापान आदि।


२. स्त्रीलिंग - 

शब्द के जिस रुप से स्त्री जाति का बोध हो उसे 'स्त्रीलिंग' कहते हैं। 

जैसे - अध्यापिका, बहन, बालिका, बस, नदी आदि ।


लिंग की पहचान करना - Recognition of Ling in Hindi

संज्ञा शब्दों का लिंग निर्धारण - लिंग की पहचान वास्तव में व्यवहार से होती है। भाषा के निरंतर अध्ययन तथा प्रयोग में लाए जाने वाले शब्दों से लिंग की पहचान होती है। लिंग की पहचान के कुछ आधारभूत नियम है। इससे लिंग की पहचान सरलता से हो जाती है।