वर्गमूल निकालने का सबसे आसान तरीका

पढ़ें- गणित में वर्गमूल निकालने का सबसे आसान तरीका तथा वर्गमूल निकलने की आसान विधियाँ - गणित में आसान विधियों द्वारा वर्गमूल कैसे निकालें। Wargmul gyat karna

गणित में हमने पिछले अध्याय में वर्गमूल को शॉर्ट ट्रिक्स द्वारा कैसे निकालते हैं यह बताया था यदि कोई बड़ी से बड़ी संख्या दी हुई हो तो उसको आसान ट्रिक से संख्या को देखते ही वर्गमूल कैसे निकालते हैं विद्यार्थियों को काफी पसंद आया था आज मैं यहां पर वर्गमूल की विधियों का वर्णन कर रहा हूं कि किस तरह से आसान विधि द्वारा किसी संख्या का वर्गमूल निकालते हैं यहां पर हमने वर्गमूल निकालने की भाग विधि तथा वर्गमूल निकालने की गुणनखंड विधि दोनों दे रहा हूं यह दोनों विधियां बहुत ही आसान है और दोनों विधियों द्वारा किसी संख्या का वर्गमूल आसानी से ज्ञात किया जा सकता है इन दोनों विधियों में जो भी विधि आपको अच्छी लगे उस पर अधिक से अधिक प्रयास करने की कोशिश करें अधिक अभ्यास से आपको वर्गमूल निकालने की विधि अधिक आसान हो जाएगी
wargmul nikalne ka sabse assan trika



समान्तर श्रेणी || Samantar Shreni || शार्ट ट्रिक्स, उदाहरण, प्रश्न || Arithmetic Progression in Hindi

श्रेणी(Progression) के प्रकार :

श्रेणियां तीन प्रकार की होती हैं

  1. समान्तर श्रेणी (Arithmetic Progression)
  2. गुणोत्तर श्रेणी (Geometric Progression)
  3. हरात्मक श्रेणी (Harmonic Progression)
समान्तर श्रेणी  Samantar Shreni
समान्तर श्रेणी  Samantar Shreni


समान्तर श्रेणी (Arithmetic Progression): यदि किसी श्रेणी के दो लगातार पदों का अंतर एक सामान हो तो ऐसी श्रेणी को समान्तर श्रेणी (Arithmetic Progression) कहते हैं समान्तर श्रेणी के पदों के बीच के अंतर सर्वान्तर (Common defference) d तथा प्रथम पद ( First term) को a से प्रदर्शित करते हैं


उदाहरण : 1 , 4 , 7 , 10 , 13 , 16 एक समान्तर श्रेणी है



यदि कोई समान्तर श्रेणी दी हो  जिसका प्रथम पद a1 , दूसरा पद aतीसरा पद a3 .......तथा nवां पद an हो
a1 ,  a2 , a3 ......., an एक समान्तर श्रेणी होगी और उस श्रेणी का 
सर्वान्तर (Common Defference) d = a2 - a1 = a3 - a2 = a4 - a3 = an - an -1 होगा 


त्रिकोणमिति | परिचय | मुख्य सूत्र | याद रखने की ट्रिक्स

त्रिकोणमिति का परिचय: (Introduction of Trigonometry In Hindi)

गणित में त्रिकोणमिति अध्याय के अंतर्गत त्रिभुज की भुजाओं तथा त्रिभुज के कोणों के बीच संबंध का अध्ययन किया जाता है त्रिकोणमिति शब्द अंग्रेजी के ट्रिग्नोमेट्री(Trigonometry) का हिंदी अनुवाद है जोकि ग्रीक भाषा में 3 शब्दों Tri(त्रि) + Gon(गोन) + Metron(मेट्रोन) से मिलकर बना है जिनका हिंदी में अर्थ निम्नलिखित होता है


  1. 'Tri' का अर्थ है 'तीन'
  2. 'Gon' का अर्थ है 'भुजा' तथा
  3. 'Metron' का अर्थ होता है 'माप'


त्रिकोणमिति का हमारे दैनिक जीवन में काफी उपयोग है जिसका हम अपने आस - पास की वस्तुओं , इमारतों तथा अपने किसी आधुनिक दैनिक उपयोग में देखने को मिलता है

पाइथागोरस का प्रमेय' (Pythagoras Theorem):

त्रिकोणमिति का मुख्य सूत्र (MainTrigonometry Formula In Hindi) 



समकोण त्रिभुज का नियम(Right Angle Tringle's Rule):    किसी  समकोण त्रिभुज में कर्ण पर बना वर्ग उस त्रिभुज के शेष दोनों भुजाओं पर बने वर्गों के योग के बराबर   होता है 


पाइथागोरस का प्रमेय



त्रिभुज के प्रकार, विशेषताएं, क्षेत्रफल और परिमाप, सभी सूत्र - Types of Triangle in Hindi

त्रिभुज के  प्रकारविशेषताएंक्षेत्रफल और परिमाप, सभी सूत्र [Triangle, Types of Triangle, Properties of Triangle, Area and Perimeter, All Related Formulas]
Tribhuj , Parkar, Vishestayen, Kshetrafal Aur Parimap, Sabhi Sutr
tribhuj ke prakar -types of triangle in hindi
त्रिभुज(Triangle)

हेलो दोस्तों पिछले त्रिभुज के टॉपिक्स में हमने - त्रिभुज किसे कहते है ( What is Triangle }, त्रिभुज के प्रकार (Kinds of Triangle) तथा  त्रिभुज की विशेषतााओं (Properties of Triangle) के बारे में ही Short में डिसकस किया था लेकिन त्रिभुज के प्रकार में  त्रिभुज से सम्बन्थित त्रिभुज का क्षेत्रफल (Area of Triangle) और त्रिभुज का परिमाप (Perimeter of Triangle) के परीक्षा उपयोगी सूत्र छूट गए थे अतः आज हम यहाँ त्रिभुज के प्रकार, विशेषताएं तथा उनसे सम्बंधित सभी सूत्रों के  बारे में Detail में डिसकस करेंगे , यह एक बेहद आसान टॉपिक है और बोर्ड परीक्षाओं तथा प्रतियोगी परिक्षों में त्रिभुज से संबंधित काफी प्रश्न अक्सर ही पूँछ लिए जाते हैं

वाक्य के प्रकार (भेद) -Types of Sentences in Hindi

वाक्य के प्रकार (Types of Sentences)
वाक्य के प्रकार (भेद) -Types of Sentences in Hindi

मुख्य रूप से वाक्य निम्नलिखित 4 प्रकार के होते हैं-

1. कथनवाचक वाक्य (Declarative Sentence) : इस प्रकार के वाक्यों में किसी कार्य की स्थिति अथवा अवस्था का वर्णन होता है

कथनवाचक वाक्य के प्रकार  (Types of Declarative Sentence) :
ये दो प्रकार के हो सकते हैं -
1 . सकारात्मक या स्वीकारात्मक वाक्य (Affirmative Sentense) : इस प्रकार के वाक्यों से किसी कार्य के करने या होने का पता चलता है।
जैसे :- 
·       मै आज आम खरीदने बाजार जाओं गा।
·       कनिका आज अपनी पहली परीक्षा देगी।
·       सोहन कल स्कूल गया था
2 . नकारात्मक या निषेधवाचक वाक्य (Negaitive Sentense) :इस प्रकार के वाक्यों से किसी कार्य के करने या नहीं होने पता का चलता है ,  इस प्रकार के वाक्यों में या नहीं शब्द मुख्य क्रिया (Main verb) के पहले मौजूद होता है
जैसे :-
·       आज हम स्कूल नहीं गए थे
·       सपना अब स्कूल में नहीं पढ़ती है
·       तुम कल स्कूल नहीं जाओ गे।

हिंदी वर्णमाला , स्वर , व्यंजन , भेद , उदाहरण - हिंदी व्याकरण

हिंदी भाषा का जन्म संस्कृत भाषा से हुआ है , हिंदी भाषा को  नगरी या देवनागरी भाषा के नाम से भी जाना जाता है   भाषा संस्कृत के भाषु शब्द से उत्पत्ति हुई है जिसका अर्थ होता है बोलना, हिंदी भाषा में भाषा  की   सबसे छोटी इकाई वर्ण होती है
वर्ण : वर्ण की सबसे छोटी इकाई धव्नि होती है जिसका लिखित रूप अक्षर  या वर्ण होता  है , यह एक अनेकार्थी शब्द है जिसका अर्थ होता है अक्षर , जैसे - रंग ,भेद, जाति, खाना, उठना, इत्यादि     

जयशंकर प्रसाद की प्रमुख रचनाएँ

सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध रचनाकार  जयशंकर प्रसाद की प्रमुख रचनाएँ  निम्नलिखित हैं -

रचनाकार  जयशंकर प्रसाद

जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ


काव्य - संग्रह

  1. कानन कुसुम  (1918, खड़ीबोली की कविताओं का प्रथम संग्रह)
  2. महाराणा का महत्व  (महाराणा प्रताप की कथा का वर्णन)
  3. झरना (1918, छायावादी शैली में रचित कविताओं का संगृह)
  4. आंसू (1925, श्रेष्ठ गीतिकाव्य )
  5. लहर (1933, मुक्तक रचनाओं का संग्रह)
  6. कामायनी (1936, महाकाव्य)
  7. प्रेम पथिक (ब्रजभाषा स्वरूप सर्वप्रथम  'इन्दू'  में प्रकाशित-1909) 


नाटक
         1.     सज्जन (1910)
2.     कल्याणी-परिणय (1912)
3.     'करुणालय' (1913, 1928 स्वतंत्र प्रकाशन)
4.      प्रायश्चित् (1013)
5.      राज्यश्री (1914)
6.     विशाख (1921)
7.      अजातशत्रु (1922)
8.      जनमेजय का नागयज्ञ (1926)
9.      कामना (1927)
10. स्कंदगुप्त (1928)
11. चंद्रगुप्त (1931)
12. ध्रुवस्वामिनी (1933)

कहानी - संग्रह

  1. छाया
  2. प्रतिध्वनि
  3. आकाशदीप
  4. आंधी
  5. इन्द्रजाल



समास | समास की परिभाषा | भेद, उदाहरण - Samas in Hindi

समास एवं समास की परिभाषा भेद, उदाहरण हिंदी

समास से तात्पर्य है – ‘संक्षिप्तीकरण’ अथवा  लघु रूप (Short Form)।
जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर एक नए और छोटे सार्थक शब्द का निर्माण होता है तो इस शब्द को समास कहा जाता है जैसे डाक के लिए गाड़ी का संक्षिप्त एक डाकगाड़ी होता है और स्नानघर के लिए संक्षेप में स्नान घर भी कह सकते हैं तो यह संक्षिप्त शब्द "डाकगाड़ी" और "स्नानघर" समास है दूसरे शब्दों में "कई शब्दों के स्थान पर कम से कम शब्दों में अर्थ पूर्ण अथवा संपूर्ण अर्थ को प्रकट करने की प्रक्रिया समास कहलाती है"


अकबर के नवरत्न (Nine Gems of Akbar) - Akbar Ke Nav Ratan


आप सभी लोग बचपन से ही अकबर और बीरबल की कहानियां सुनते आ रहे हैं आज जब अकबर का नाम जुबां पर आता है तो अकबर के नाम के साथ साथ अकबर के नवरत्न को हर कोई याद करता है, अकबर के दरबार में 9 मुख्य दरबारी थे जिन्हें अकबर के नवरत्न से भी जाना जाता है आइये, जानते हैं अकबर के नवरत्न के बारे में-

अकबर के नवरत्न (Nine Gems of Akbar) - Akbar Ke Nav Ratan

अकबर के नवरत्न- Akbar Ke Nav Ratana  (Nine Gems of Akbar) 
(1) . बीरबल -
 बीरबल का जन्म कालपी में 1528 . में ब्राह्मण वंश में हुआ था   बीरबल अकबर के सलाहकार थे। ये अत्याधिक बुद्धिमान और सभी नवरत्नों में सर्वाधिक प्रसिद्ध थे , इनके बचपन का नाम 'महेशदास' था बीरबल अकबर के बहुत ही नज़दीक और पसंदीदा नवरत्न थे। एकमात्र हिंदू राजा थे जिन्होंने दीन--इलाही धर्म को स्वीकार किया था। इन्हें 1583 . में बीरबल को न्याय विभाग का सर्वोच्च अधिकारी नियुक्त किया गया। 1586 . में युसुफ़जइयों के विद्रोह को दबाने इनकी मृत्यु हो गई। अकबर ने बीरबल को राजा की उपाधि दी।

2018 की 20 सबसे चर्चित पुस्तकें और उनके लेखक - Top 20 Books of 2018 and Authors

Top 20 Books of 2018 and Authors

1.      एग्जाम वारियर्स - नरेंद्र मोदी
2.      मन की बात - नरेंद्र मोदी
3.      अहिंसा - सुप्रिया  केलकर 
4.      वन इंडियन गर्ल - चेतन भगत
5.      आई डू व्हाट आई डू - रघुराम राजन
6.      अनसूटेबल ब्वॉय - करण जौहर
7.      टु सेंट्स - अरुण शौरी
8.      सेंचुरी इज़ नॉट एनफ - सौरभ गांगुली 
9.      281 एंड  बियॉन्ड - वी वी एस लक्षमण
10. मेकिंग एट लीजेंड - बिंदेश्वरी पाठक