वाक्य के प्रकार (vakya ke prakar ) - परिभाषा और उदहारण - हिन्दी व्याकरण


वाक्य के प्रकार (vakya ke prakar) / भेद - वाक्य की परिभाषा

वाक्य किसी भी भाषा का महत्वपूर्ण अंग है, कोई भी भाषा बिना वाक्यों के बनना असम्भव है  वाक्यों को  हम अपने दैनिक जीवन में बोल चाल लेखन तथा सुचना को अदन प्रदान करने के लिए प्रयुक्त करते हैं 

वाक्य की परिभाषा: शब्दों को आपस में सही व्यवस्थिकरण से जो विन्यास बनता हैं उसे वाक्य कहते हैं। प्रत्येक वाक्य का एक सही अर्थ होता हैं।

अगर वाक्य के शब्दों का क्रम सही न हो तो उस वाक्य का अर्थ बिल्कुल ही बदल जाता है अतः किसी भी वाक्य का सही अर्थ होने के लिए उस वाक्य में प्रयुक्त शब्द आपस में सही क्रम में व्यवस्थित व्यवस्थित हों नहीं तो वाक्य का अर्थ बिल्कुल ही बदल जाएगा



वाक्य के प्रकार (Types of Sentences)
वाक्य के प्रकार (भेद) -Types of Sentences in Hindi


वाक्य के प्रकार (भेद)

मुख्य रूप से वाक्य निम्नलिखित 2 प्रकार के होते हैं-

  1. रचना के आधार पर
  2. अर्थ के आधार पर

1. वाक्य के प्रकार [रचना के आधार पर]- Types of Sentences Based on Formation in Hindi


रचना के आधार पर वाक्य निम्नलिखित 3 के प्रकार के होते हैं -


1. साधारण वाक्य (Simple Sentence) : 
ऐसे वाक्य जिसमें केवल एक क्रिया , कर्ता और कर्म मौजूद हो तो ऐसे वाक्यों को साधारण वाक्य कहते हैं , ऐसे अधिकतर वाक्यों में एक उद्देश्य तथा एक विधेय दिया होता है।
जैसे :- 
·       मोहन दिल्ली में रहता है 

2. संयुक्त वाक्य (Compound Sentence) :
 इस प्रकार के वाक्यों में दो या दो से अधिक उपवाक्य मौजूद होते है तथा ये वाक्य आपस में किसी समुच्चबोधकों से जुड़े हों तो ऐसे वाक्य  संयुक्त वाक्य कहलाते है।
जैसे :- 
·       तुम स्कूल भी जाओ और घर पर भी पढाई  करो 

3. जटिल वाक्य (Complex Sentence) :
इस प्रकार के वाक्यों में एक उपवाक्य किसी दूसरे उपवाक्य पर आश्रित होता है  तो ऐसे वाक्य  जटिल वाक्य  कहलाते है।
जैसे :- 
·       अगर तुम घर पर रहो  तो मैं समान लेने बाजार जाऊँगा।
   

2. वाक्य के प्रकार [अर्थ के आधार पर]- Types of Sentences Based on Meaning in Hindi

अर्थ के आधार पर वाक्य निम्नलिखित  के प्रकार के होते हैं -

1. कथनवाचक वाक्य (Declarative Sentence) : इस प्रकार के वाक्यों में किसी कार्य की स्थिति अथवा अवस्था का वर्णन होता है

कथनवाचक वाक्य के प्रकार  (Types of Declarative Sentence) :
ये दो प्रकार के हो सकते हैं -
1 . सकारात्मक या स्वीकारात्मक वाक्य (Affirmative Sentense) : इस प्रकार के वाक्यों से किसी कार्य के करने या होने का पता चलता है।
जैसे :- 
·       मै आज आम खरीदने बाजार जाओं गा।
·       कनिका आज अपनी पहली परीक्षा देगी।
·       सोहन कल स्कूल गया था
2 . नकारात्मक या निषेधवाचक वाक्य (Negaitive Sentense) :इस प्रकार के वाक्यों से किसी कार्य के करने या नहीं होने पता का चलता है ,  इस प्रकार के वाक्यों में या नहीं शब्द मुख्य क्रिया (Main verb) के पहले मौजूद होता है
जैसे :-
·       आज हम स्कूल नहीं गए थे
·       सपना अब स्कूल में नहीं पढ़ती है
·       तुम कल स्कूल नहीं जाओ गे।

2. आदेशात्मक वाक्य (Imperative Sentence) : इस प्रकार के वाक्यों  से हमें आदेश, उपदेश, सलाह ,सुझाव  अथवा  निवेदन आदि का भाव प्रकट हो तो ऐसे वाक्य आदेशात्मक वाक्य कहलाते हैं
जैसे :-
·       शांत रहें! (आदेश/Order)
·       तुम स्कूल जाओ (आदेश/Order)
·       आप यहाँ बैठो (आदेश/Order)
·       आप अब  अपना काम कर सकते हो (अनुमति/Permission )
·       कृपया मुझे एक पेन  दो। (निवेदन/Request)
·       चलो आज नदी में नहाते हैं। (सुझाव/Suggestion)
·       आपको मोटरसाइकिल चलते समय हेलमेट पहनने चाहिए। (सलाह/Advice)

3. प्रश्नवाचक वाक्य (Interrogative Sentence) : इस प्रकार के वाक्यों से किसी प्रश्न का बोध होता है अथवा वे वाक्य  जिसमें कोई  प्रश्न पूछा जाये  तो ऐसे वाक्य प्रश्नवाचक वाक्य कहलाते हैं
जैसे :-
·       तुम्हारा क्या नाम है
·       क्या तुम बाजार जाओगे
·       अंजलि के कितने भाई हैं

प्रश्नवाचक वाक्य (Interrogative Sentence) के प्रकार :
ये दो प्रकार के होते हैं
1 . ऐसे प्रश्नवाचक वाक्य जिनमें क्या प्रश्नवाचक शब्द वाक्य के प्रारम्भ में दिया हो
जैसे :-
·       क्या तुमने अपना काम कर लिया।
·       क्या तुम रोज स्कूलजाते हो।
·       क्या तुम्हारा नाम रोहन है।

2 . ऐसे प्रश्नवाचक वाक्य जिनमें  प्रश्नवाचक शब्द वाक्य के बीच में दिया हो
जैसे :-
·       वह दुबई में कितने वर्षों से रह रहा है।
·       आपका वजन कितना है।
·       तुम कहाँ रहते हो।
·       वे क्या करते है।

4. विस्मयादिबोधक वाक्य (Exclamatory Sentence):- :इस प्रकार के वाक्यों से विस्मय, दुःख, हर्ष, क्रोध अथवा घृणा आदि के भाव प्रकट हों  तो ऐसे वाक्यों विस्मयादिबोधक वाक्य कहलाते हैं।


जैसे :- 
अरे ! वह दुर्घटना में मारा गया। (दुःख )
अरे ! यह फूल कितना सुंदर है । (विस्मय)
अरे ! तुम्हें राजनीती के बारे में कुछ  नहीं पता ? (क्रोध)
वह ! तुम मैच जीत गए। (हर्ष)


वाक्यों के अन्य प्रकार (Some more Types of Sentense)

1. इच्छापूर्ण अथवा इच्छावाचक वाक्य (Optative Sentence )
इस प्रकार के वाक्यों से इच्छा प्रकट करना, शुभकामना देना, आशीर्वाद देना, आशा प्रकट होंने का बौद्ध होता है
जैसे :- 
·       मुझे आज कुल्फी खाने का मन कर रहा है। (इस वाक्य में इच्छा/Wish का भाव प्रकट हो रहा है  )
·       आप अपने व्यवसाय में सफल हो। (इस वाक्य में शुभकामना/Greetings दी जा रही है )
·       आप सदैव सुखी रहें (इस वाक्य में आशीर्वाद/Blessings दिया जा रहा  है )
·       आशा करता हूँ कि आपका दिन शुभ हो। (इस वाक्य में आशा/Hope  का भाव प्रकट हो रहा है )

2. संदेहपूर्ण अथवा संदेहवाचक वाक्य (Skepticative Sentence)
इस प्रकार के वाक्यों से संदेह अथवा संभावना बौध होता है।

जैसे :- 
·       शायद आज मार्किट में भीड़ होगी।

3. सांकेतिक अथवा संकेतवाचक वाक्य (Indicative Sentence)
इस प्रकार के वाक्यों में एक कार्य  का होना किस दूसरे कार्य पर निर्भर होता  है
जैसे :- 
·       यदि तुमने महनत की होती तो तुम सफल हो जाते।


   अभ्यास :- प्रय पाठकों यहाँ पर कुछ वाक्य अभ्यास के लिए दे रहा हूँ , नीची कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बातएं कि कोन-सा वाक्य किस प्रकार का है -



  1. अरे ! उसने अपनी क्लास में प्रथम आया है 
  2. तुमरे कितने बैग हैं 
  3. अब तुम चुप बैठो 
  4. अरे वाह! फूल कितना सुन्दर है 
  5. यहाँ पोस्टर लगाना मना है।
  6. वह कल स्कूल नहीं जायेगा
  7. आपकी लम्बी उम्र हो 
  8. अहा ! कितना सुंदर मौसम है।
  9. दौड़ना मना है 
  10. अरे! यह पुस्तक कितनी मोटी है 
  11. सुबह सवेरे उठना चाहिए 
  12. अगर हमने आपकी सहयता न की होती तो आप पास नहीं होते 
  13. अगर तुम पढोगे तो पास होंगे 
  14. शायद आज वर्षा हो 
  15. संभवत: इस साल ज्यादा सर्दी हो।

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