लिंग - परिभाषा, भेद, १३ नियम & उदाहरण | Ling in Hindi

लिंग - परिभाषा, भेद, १३ नियम & उदाहरण | Ling in Hindi

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लिंग - Gender / Ling in Hindi Vyakaran

लिंग- लिंग संस्कृत भाषा का शब्द है। लिंग का अर्थ / मतलब (Ling / Gender Meaning in Hindi) होता है "चिन्ह।  लिंग(चिन्ह) से तात्पर्य/अर्थ है किसी संज्ञा का चिन्ह(लिंग)।  संज्ञा का ऐसा चिन्ह (लिंग) जिससे उसकी स्त्री या परुष की पहचान (Identity) हो सके, तो उसे उस संज्ञा (जैसे- किसी व्यक्ति, वस्तु आदि) का लिंग कहते हैं। 

कोई भी व्यक्ति या वस्तु क्यों न हो उसकी पहचान 'नर' या 'मादा' के रूप में अवश्य होती है। इसी प्रकार यदि कोई जानदार जैसे- आदमी, औरत, लड़का, भेड़, बकरी, कौआ, गधा, घोडा, गाय, भैंस, बकरा, बैल आदि संज्ञाएँ तथा बेजानदार, जैसे- मेज, कुर्सी, पखा, किताब, दवात, बोतल, शीशी, डिब्बा आदि संज्ञाओं को उनकी जाति के अनुसार पुल्लिंग या स्त्रीलिंग बहुत ही आसानी से पहचान की जा सकती है। यहाँ इस पोस्ट में लिंग, लिंग की परिभषा  लिंग के भेद (प्रकार), लिंग की पहचान करना, लिंग को बदलने (परिवर्तित करने) के नियम सीखेंगे। 


लिंग की परिभाषा- Definition of Ling in Hindi

"शब्द के जिस रूप से किसी पदार्थ के पुरुष अथवा स्त्री जाति के होने का पता चले, वह 'लिंग' कहलाता है।"

अथवा 

"संज्ञा का वह रूप जिससे किसी व्यक्ति या वस्तु के नर अथवा मादा होने की जानकारी दे, तो उसे 'लिंग' कहते हैं।"


आसान भाषा में- 

किसी संज्ञा के जाति को "लिंग" कहा जाता  है। लिंग से यह पता चलता है की वह संज्ञा 'परुष जाति' की है या 'स्त्री जाति' की। 

जैसे- 

परुष जाति- आदमी, लड़का, बच्चा, कबूतर, मोर, घोडा, शेर, बैल, भैंसा, गधा, कुत्ता, बकरा आदि। 

स्त्री जाति- औरत, लड़की, बच्ची, कबूतरनी, मोरनी, घोड़ी, शेरनी, गाय, भैंस, गधी , कुत्तिया, बकरी आदि। 


लिंग के भेद - Kinds of Ling in Hindi

लिंग के दो भेद होते हैं-


१. पुल्लिंग -

शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध हो, उसे 'पुल्लिंग' कहते हैं।

जैसे - अध्यापक, भाई, वन, कमरा, भालू, ट्रक, गेहूँ, चीन, जापान आदि।


२. स्त्रीलिंग - 

शब्द के जिस रुप से स्त्री जाति का बोध हो उसे 'स्त्रीलिंग' कहते हैं। 

जैसे - अध्यापिका, बहन, बालिका, बस, नदी आदि ।


लिंग की पहचान करना - Recognition of Ling in Hindi

संज्ञा शब्दों का लिंग निर्धारण - लिंग की पहचान वास्तव में व्यवहार से होती है। भाषा के निरंतर अध्ययन तथा प्रयोग में लाए जाने वाले शब्दों से लिंग की पहचान होती है। लिंग की पहचान के कुछ आधारभूत नियम है। इससे लिंग की पहचान सरलता से हो जाती है।

पुल्लिंग की पहचान-

देशों, पर्वतों, फलो, दिनों, ग्रहों, महीनों, समय, अनाज, रत्न, धातु, वर्णमाला के अक्षर आदि के नाम 'पुल्लिंग' होते हैं। 

जैसे: 

१. देशों के नाम - भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, अमेरिका आदि।

२. पर्वतों के नाम - हिमालय, कैलाश, विंध्याचल, अरावली आदि।

३. फलों के नाम - आम, अमरूद, केला, सेब, संतरा आदि। (अपवाद : लीची)

४. दिनों के नाम - सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार आदि।

५. महीनों के नाम - सभी भारतीय महीनों के नाम चैत्र वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, सावन, भाद्र, कार्तिक, मार्च-अप्रैल, जून, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर-नवंबर, दिसंबर, (अपवाद : जनवरी-फरवरी, मई, जुलाई)।

६. ग्रहों के नाम - सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु आदि (अपवाद : पृथ्वी)।

७. समय - सूचक नाम - क्षण, सेकंड, मिनट, घंटा, दिन, सप्ताह, माह, वर्ष, युग आदि।

८. अनाजों के नाम - गेहूँ, चावल, चना, बाजरा आदि। (अपवाद: मूँग, अरहर, मक्की)

९. रत्नों के नाम - हीरा, पन्ना, मूँगा, पुखराज, मोती, आदि। (अपवाद : मनी)

१०. धातुओं के नाम - सोना, लोहा, तांबा। (अपवाद: चांदी)

११. वर्णमाला- क,ख,प,ज,छ,ट,न,अ आदि। (अपवाद:इ,ई,ऋ)


१२. जिन शब्दों के अंत में आप, खाना, त्व, पन, आव,  आ, न, आवा, आर, आदि आते हैं, वह 'पुल्लिंग' होते हैं।

पा - बुढ़ापा, मोटापा, पुजापा आदि।

खाना - दवाखाना, खानखाना, डाकखाना आदि।

त्व - कवित्व, पुरुषत्व, देवत्व, अपनत्व, बंधुत्व, महत्त्व, पशुत्व, राक्षसत्व, आदि।

पन - बचपन, अपनापन, परायापन, लड़कपन आदि।

आव - बहाव, जमाव, रुकाव, चुनाव, लगाव, छिपाव, उतराव आदि।

आ - पैसा, लौटा, मोटा, छाता, चिंता आदि।

न - नयन, हवन, लेन-देन, यौवन, आदि।

आवा - चढ़ावा, पहनावा, दिखावा, बुलावा आदि।

आर - सुनार, लुहार, विचार, अनार आदि।


१३. अंत में 'ज' वाले शब्द जैसे : नीरज, जलज, आदि।

१४. अंत में 'ख' वाले शब्द जैसे : सुख, दुख, आदि।

१५. अंत में 'वाला' वाले शब्द : चायवाला, दूधवाला, सब्जीवाला, आदि।

१६. शरीर के कुछ अंग : दाँत, गला, हाथ, पैर, सिर, मुँह, नाक, घुटना, हृदय आदि।


स्त्रीलिंग की पहचान-

१. भाषाओं के नाम - हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती, पंजाबी आदि।

२. नदियों के नाम - गंगा, यमुना, कावेरी, कृष्णा, गोदावरी आदि।

३. बोलियो के नाम - भोजपुरी, हरियाणवी, पहाड़ी आदि।

४. तिथियों के नाम - पूर्णिमा, एकादशी, प्रथमा, द्वितीया, तृतीया आदि।

५. नक्षत्रों के नाम - रोहिणी, अश्विनी।

६. लिपियों के नाम - ब्राह्मी, देवनागरी, रोमन आदि।

७. अंत में 'ई' वाले शब्द - अमीरी, गरीबी, मजदूरी, रोटी, रोशनी, दूरी आदि।

८. अंत में 'आ' वाले तत्सम शब्द - माला, छात्रा, दया, कृपा, अहिंसा, परीक्षा आदि।

९. शरीर के कुछ अंगों के नाम - भौं, पलक, आँख, नाक, जीभ, टाँग,जाँघ आदि।

१०. अंत में 'उ' वाले तत्सम शब्द - ऋतु, मृत्यु, वायु, वस्तु, आयु आदि।

११. अंत में त, री, इया, आरी, आई, ति, ता, आवट, आहट, आदि प्रत्यय वाले शब्द - 

त  : ताकत, चाहत, खपत आदि ।

री  : परी, खरी, जरी, आदि।

इया : गुड़िया, चिड़िया, गुड़िया, डिबिया, बंदरिया, कुटिया आदि।

आरी : क्यारी, तैयारी, प्यारी आदि।

आई : चिकनाई, खटाई, मिठाई, मलाई, बुराई, लिखाई आदि।

ति : कृति

ता : महानता, लघुता, मित्रता, मित्रता, पशुता, शिशुता आदि।

आवट : बनावट, लिखावट, सजावट, थकावट, मिलावट।

आहट : चिकनाहट, घबराहट, गर्माहट, मुस्कुराहट, कड़वाहट आदि।

१२. इकारांत संज्ञाएँ प्राय: स्त्रीलिंग होती हैं।

जैसे - अग्नि, जाती, भक्ति, विधि, राशि, शक्ति, हानि आदि (कवि, मुनि, रवि, शशि, गिरी अपवाद है।)


लिंग परिवर्तन- Rules for Conversion of Ling in Hindi

पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के नियम

१. 'अ' को 'आ' में बदलकर :

पुल्लिंग                   स्त्रीलिंग

छात्र                        छात्रा 

भवदीय                  भवदीया

बाल                        बाला

महोदय                  महोदया 

शिष्य                     शिष्या

सुत                        सुता

वृद्ध                       वृद्धा

आचार्य                 आचार्या

मूर्ख                      मूर्खा

सदस्य                  सदस्या

प्रिय                      प्रिया

अनुज                  अनुजा



२. 'अ' को 'ई' में बदलकर -

पुल्लिंग              स्त्रीलिंग

पुत्र                     पुत्री 

देव                     देवी 

नर                     नारी 

दास                   दासी 

ब्राह्मण              ब्राह्मण 

हिरन                 हिरनी


३. 'आ' को 'ई' में बदलकर -

पुल्लिंग - स्त्रीलिंग

बेटा  -बेटी 

चाचा - चाची 

लड़का - लड़की 

बकरा  - बकरी 

भतीजा - भतीजी 

मुर्गा  - मुर्गी 

नाना - नानी 

गधा - गधी 

मामा - मामी


४. 'आ' को 'इया' में बदलकर -

पुल्लिंग - स्त्रीलिंग

लोटा    - लुटिया 

चिड़ा    - चिड़िया 

डिब्बा   - डिबिया 

चूहा      - चुहिया 

बूढ़ा      - बुढ़िया 

गुड्डा      - गुड़िया 

कुत्ता     - कुतिया 

बेटा      - बिटिया 

बंदर     - बंदरिया


५. 'अक' को 'इका' में बदलकर -

पुल्लिंग  - स्त्रीलिंग

लेखक   - लेखिका 

साधक   - साधिका 

नायक   - नायिका 

सेवक   - सेविका 

पाठक   - पाठिका 

गायक   - गायिका 

अध्यापक - अध्यापिका 

बालक    - बालिका 

शिक्षक   - शिक्षिका


६. अंत में 'नी' लगाकर - 

पुल्लिंग  - स्त्रीलिंग

शेर       - शेरनी 

हाथी     - हथिनी 

चोर      - चोरनी 

सिंह     - सिंहनी

हंस      - हंसनी

यशस्वी - यशस्विनी 

ऊँट     - ऊँटनी

रीछ    - रीछनी

जाट   - जाटनी

भील  - भीलनी

मोर   - मोरनी


७. अंत में 'आइन' लगाकर -

पुल्लिंग - स्त्रीलिंग 

ठाकुर  - ठकुराइन

शुक्ल  - शुक्लाइन

नाई    - नाइन

गुरु     - गुरुआइन

चौधरी - चौधराइन

बनिया - बनियाइन

चौबे   - चौबाइन

पंडित - पंडिताइन

हलवाई - हलवाइन


८. अंत में 'आनी' लगाकर -

पुल्लिंग  - स्त्रीलिंग

देवर      - देवरानी 

जेठ      - जेठानी 

नौकर   - नौकरानी 

भव     - भवानी

सेठ     - सेठानी 

क्षत्रिय  - क्षत्राणी 

चौधरी  - चौधरानी 

रूद्र     - रुद्राणी 

इंद्र      - इंद्राणी


को 'मती' में बदलकर तथा 'वान' को 'वती' में बदलकर -

पुल्लिंग - स्त्रीलिंग 

श्रीमान - श्रीमती 

सत्यवान - सत्यवती 

धनवान  - धनवती 

आयुष्मान - आयुष्मति 

बुद्धिमान  - बुद्धिमती 

बलवान   - बलवती 

भगवान   - भगवती 

गुणवान   - गुणवती 

धैर्यवान   - धैर्यवती


१०. अंत में 'इन' लगाकर -

पुल्लिंग - स्त्रीलिंग

नाग     - नागिन 

चमार   - चमारिन

तेली    - तेलिन

बाघ    - बाघिन

पुजारी - पुजारिन


११. 'ता' को 'त्री' में बदलकर -

पुल्लिंग - स्त्रीलिंग

दाता    - दात्री 

नेता     - नेत्री 

भरता   - भरतरी 

कर्ता    - कर्त्री

अभिनेता - अभिनेत्री 

धाता    -धात्री

रचयिता - रचयित्री


१२. 'नर'  या 'मादा' लगाकर -

पुल्लिंग - स्त्रीलिंग

तोता    - मादा तोता 

भालू    - मादा भालू 

खरगोश - मादा खरगोश 

नर मक्खी - मादा मक्खी 


१३. पूर्ण परिवर्तन करके -

पुल्लिंग - स्त्रीलिंग

राजा - रानी 

बाप - माँ

पिता - माता

बहनोई - बहन 

कवि - कवियत्री 

आदमी - औरत 

साधु  - साध्वी 

विधुर - विधवा 

वीर  - वीरांगना 

भाई - बहन 

विद्वान  - विदुषी 


लिंग से सम्बंधित अभयास (प्रश्न / उत्तर)- 

लिंग के प्रश्न / उत्तर 

* प्रश्नों के उत्तर दीजिए- 

१. हिंदी में लिंग के कितने भेद होते हैं?

२. 'कहार' शब्द का स्त्रीलिंग क्या होता है ?

३. 'बाल' शब्द का स्त्रीलिंग क्या होता है ?

४. भाषाओं के नाम बताइए-

५. जिन शब्दों के अंत में 'ज' है ऐसे शब्द लिखिए-


उत्तर-

१. हिंदी में लिंग के दो भेद होते हैं।

२. 'कहार' शब्द का स्त्रीलिंग शब्द हैं 'कहारिन'।

३. 'बाल' शब्द का स्त्रीलिंग शब्द 'बाला' हैं।

४. हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती, पंजाबी आदि।

५. नीरज, जलज।


* रिक्त स्थानों की पूर्ति पुल्लिंग या स्त्रीलिंग लिखकर कीजिए।

क) वृक्षों के नाम …………… होते हैं।

ख) भाषाओं के नाम ………… होते हैं।

ग) महीनों के नाम………....होते हैं।

घ) नक्षत्रों के नाम ………... होते हैं।

ड़) रत्नों के नाम ………...होते हैं।


उत्तर-

क) पुल्लिंग

ख) स्त्रीलिंग

ग) पुल्लिंग

घ) स्त्रीलिंग

ड़) पुल्लिंग


निष्कर्ष-

उम्मीद है कि हिंदी व्याकरण से सम्बंधित आपने लिंग, लिंग का हिंदी अर्थ, लिंग क्या है? लिंग की परिभाषा, लिंग के भेद (प्रकार), लिंग के उदाहरण, स्त्रीलिंग, पुल्लिंग, लिंग की पहचान करना, लिंग को परिवर्तित करने (बदलने) के नियम, लिंग से  सम्बंधित अभयास, लिंग के प्रश्न / उत्तर का बेहतर ढंग से अध्यन कर लिया होगा। 

धन्यवाद!

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