सामान्य ज्ञान [G.K] ➩ जीव विज्ञान (Biology) Part-4

सामान्य ज्ञान [G.K] ➩ जीव विज्ञान (Biology) Part-4




# प्रेयरी घास के मैदानों के कुत्ते बड़े-बड़े झुंडों में रहते हैं। 191 में इन कुत्तों की एक बस्ती खोज निकाली गई। उसमें 4० करोड़ कुत्ते थे और 25 ००० वर्ग मील के इलाके में फैले हुए थे।

#  कुछ छोटे जानवर जाड़ों में शीत-निद्रा में सो जाते हैं। कुछ-कुछ हफ्तों बाद वे उठते हैं खाते-पीते हैं और टट्टी-पेशाब जाते हैं।

# सीखना व याद रखना सेरीब्रम से सम्बनिध है।

# फीताकृमि अनाक्सी - ष्वसन करता है।

# यदि संसार के सभी जीवाणु तथा कवक नष्ट हो जाएँ , तो संसार लाषों तथा सभी प्रकार के सजीवों के उत्सर्जी पदार्थो से भर जाएगा।

# हरित लवक में ग्रेना और स्ट्रोमा पाए जाते है।

# प्रोकैरियोट वे जीव , जिनमें केन्द्रक सुविकसित नहीं होता है।


# वनस्पति विज्ञान की वह शाखा , जिसमें शैवालों का अध्ययन करते है फाइकोलाजी कहलाती है।

# यूथेनिक्स पालन पोषण द्वारा मानव जाति की उन्नति का अध्ययन है।

# मानव खोपडी में 22 हडिडया होती है।

# 3 - 4 वर्ष के बच्चे में चवर्णक नहीं होते ।

# अर्धसूत्री विभाजन तरूण पुष्प कलिकाओं में पाया जाता है

# इण्डोल ऐसीटिक अम्ल ऑक्सीन होता है।

# एडि्रनल ग्रनिथ को आपातकालीन ग्रन्थि भी कहते है।

# सोमेटोट्रोफिक हार्मोन पीयूष ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित होते है।    

# टेस्टोस्टीरोन हार्मोन वृषण ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित होता है

# एस्ट्रोजन हार्मोन डिम्ब ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित होता है।

# थायराक्सीन ग्रन्थि थायराइड ग्रनिथ द्वारा स्त्रावित होता है।

# मानव भ्रूण हदय अपने परिवर्धन के चतुर्थ सप्ताह में स्पन्दन करने लगता है।

# परखनली शिशु का परिवर्धन परखनली के अन्दर ही होता है।

# खुजलाने से खाज मिटती है।क्योकि इससे कुछ तनित्रकाऐं उददीप्त होती है जो मष्तिश्क को प्रतिहिस्टामिनी रसायनों का उत्पादन बढाने का निर्देष देती है।

# मनुष्य के आँख में प्रकाश तरंगें अक्ष पटल पर स्नायु उद्वेगों में परिवर्तित होती है।

# जन्तु विज्ञान में जीवित व मृत जानवारों का अध्ययन करते है।

# दृशिट पटल (रेटिना) पर जो चित्र बनता है वह वस्तु से छोटा व उल्टा होता है।

# मनुष्य आद्र्रता व गर्मी में परेशानी महसूस करता है। इसका कारण है। कि पसीना आद्रर्ता के कारण वाष्पित नही होता हैं।

# पोलियों का टीका सबसे पहले जान साल्क ने तैयार किया था

# अस्थियों का अध्ययन विज्ञान आसिटयोलाजी शाखा के अन्तर्गत  किया जाता है।

# जीन अणुओं की सरंचना को सबसे पहले डा जेम्स वाटसन और डा फ्रानिसस कि्र्रक द्वारा रेखांकित किया गया था

# मनुष्य के शरीर में पसलियों के 12 जोडे होते है

# ऊतक संर्वधन पौशक घोल में सूक्ष्म पादप अंशो को विकसित करना हे

# मनुष्य के मष्तिशक के जिस भाग में स्मृति रहती है उसे प्रमसितश्क प्रान्तस्था (कार्टेक्स) कहते है।

# मानव प्रतिरक्षा हीनता विषाणु (एच0आर्इ0वी0) एक जीवधारी है क्योकि यह स्वत: प्रजनन कर सकता है।

# विकास का सिध्दांत चाल्र्स डार्विन द्वारा प्रतिपादित किया गया था

# मानव शरीर में सबसे लम्बी हडडी ऊरू (जाघ) की होती है।

# जैव विकास के सन्दर्भ में साँपों में अंगों का उपयोग तथा अनुपयोग किये जाने से अंगो के लोप होने को स्पष्ट किया जाता है।

# क्लोन अलैगिंक विधि से उत्पन्न किया जाता है।

# श्वसन क्रिया में वायु के नाइट्रोजन घटक की मात्रा में कोर्इ परिवर्तन नही होता है।

# डायनासोर मेसोजोइक - सरीसृप प्रजाति में आते थे।

# जीव समुदाय द्वारा सौर ऊर्जा का सर्वाधिक उपयोग किया जाता है।

# नेत्रदान में दाता की आँख का कार्निया नाम भाग उपयोग में लाया जाता है।

# सील स्तनपायी जाती है।

# एजोला को जैव ऊर्वरक के रूप में प्रयोग किया जाता है।

# मानव शरीर में प्रेालैकिटन हार्मोन का निर्माण अण्डाश्य में होता है।

# ऐसे अंग जो विभिन्न कार्यो में उपयोग होने के कारण काफी एसमान हो सकते है। लेकिन उनकी मूल संरचना एवं भ्रूणीय प्रकि्रया में समानता
होती है। समजात अंग कहलाते है।

# भोजन के लिए विभिन्न जीव एक दूसरे पर आश्रित रहते है।इस प्रकार एक श्रृंखला का निमार्ण होता है इस श्रृंखला के प्रारम्भ में हरे पौधे होते है।

# केंचुए के कोर्इ नेत्र नही होता है

# अमीबियेसिस से आमातिसार रोग होता है।

# हमारे शरीर की मस्तिष्क कोशिकाओं में सबसे कम पुनर्योजी शकित होती है।

# हमारे छोडी हुयी सांस की हवा में कार्बनडार्इ आक्साइड की मात्रा 4 प्रतिशत होती हैै।

# शुतुरमुर्ग आकार में सबसे बडा पक्षी होता है।

# एडस वायरस एक सूची आर0एन00 होता है।

# पात्र निषेचन और फिर गर्भाशय में प्रतिराशण करने के बाद उत्पन्न शिशु को टेस्ट टयूब बेवी कहते है।

# सर्वाधिक प्रकाश संश्लेशित क्रियाकलाप प्रकाश के नीले व लाल क्षेत्र में चलता है।

# प्रकाश संश्लेषण के दौरान पैदा होने वाली आक्सीजन का स्त्रोत जल होता है।

# किसी वृक्षो के अधिकतम हानि उसकी छाल का नाश करके पहुचती है ।

# पक्षियों में प्राय: एक ही वृषण होता है।

# एल्फल्फा एक प्रकार की घास का नाम है।
# वायुगुहिका की उपस्थिति जल पादप के अनुकूलन होती है।

# प्रकाश संश्लेषण केवल दृश्य वर्णो में ही होता है । प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया में जल, प्रकाष, क्लोरोफिल तथा कार्बनडाइआक्साइड की
उपस्थिति में कार्बोहाइड्रेट का निर्माण होता है।

# प्रोटोजोआ वर्ग के जीव जल्दी प्रजनन करते है।

# मरूस्थलीय क्षेत्र में उगने वाली वनस्पतियों को जीरोफाइट कहते है।

# अधिक आद्र्रता वाले क्षेत्रो या दलदली क्षेत्र की वनस्पतियां हाइग्रोफाइट के अन्तर्गत आती हैं

# छिछले हैडपम्प से पानी पीने वाले लोगों को हैजा, टायफायड, एवं कामला रोग होने की सम्भावना होती है। प्लूओरोसिस नही होता है।

# हीमोफीलीया एक आनुवांशिक विकार है जो रक्त के स्पन्दन में कमी करता है।

# मलेरिया प्रोटोजोआ मादा एनाफ्लीज से फैलता है। मलेरिया से तिल्ली एवं आर0बी0सी0 प्रभावित होती है,

# पोलियो वायरस से फैलता है,

# तपेदीक जीवाणु से फैलता है,

# दाद कवक से फैलता है।

# फाइलेरिया से लसीका पर्व प्रभावित होती है, मस्तिष्क शोथ (ल्यूकीमिया) से मस्तिष्क प्रभावित होता है।,

# श्वेतरक्ता (ऐनिसफेलाइटिस)से अस्थिमज्जा प्रभावित होता है।

# रक्त में शर्करा का उच्चस्तर एवं रक्त में इन्सुलिन की निम्न मात्रा मधुमेह से सम्बधित ऐसे लक्षण है। जो प्रोढो का सामान्य रोग है।

# विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार आज के समय में सर्वाधिक लोगो के प्राण यक्ष्मा (टी0बी0) रोग से जाते है।

# हदय धात के प्रमुख कारण क्रमश: है - तन्तुऊतक के चकते एवं कोलेस्ट्राल का बढ जाना , हदय धमनियों में रक्त के थक्के का पहुचना,
वाहिका के आन्तरिक द्वारा का संर्कीण हो जाता , रक्त और आक्सीजन की अपर्याप्त पूर्ति ।

# हीमोफीलीया एक आनुवांशिक रोग है जिसका वहन स्त्रीयां करती है परन्तु प्रकृट पुरूषों में होता है।

# असुरक्षित पेयजल एवं बुरी सफार्इ व्यवस्था द्वारा विकासित देशों में उत्पन्न तीन संचरणीय रोग मलेरिया, तीव्रप्रवाहिका तथा शिस्टोसोमियासिस है।

# निमोेनिया फेफडों को प्रभावित करता है।

# पोलियो का वायरस शरीर में प्रवेश दूषित भोजन तथा जल से करता है।

# रियो वायरस एक ऐसा रोगाणु जो सामान्य जुकाम के लिए उत्तरदायी है

# सूक्ष्म जीवाणुओं को सयुक्त सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखा जा सकता है।

# टि्रपल ऐण्टीजन (डी0पी0टी0) एक बच्चे केा डिफ्थीरिया, कुकुरखासी एवं टिटनेस को रोकने हेतु दी जाती है ।
# ब्रेन की बीमारी को र्इ0र्इ0जी0 से पहचाना जाता है।

# डी0सी0जी0 का टीका टी0बी0 की रोक थाम के लिए लगाया जाता है।

# प्लेग पीस्सुओं के काटने से फैलता है,

#  फाइलेरिया मच्छरों से होता है,

#  बेरीबेरी बिटामिन बी0 की कमी से होता है,

# टायफायड आंतों केा प्रभावित करता है।

# मिर्गी सांसर्गिक रोग होता है। ,

# आंत्र ज्वर जलवाहित होता है,

# गलसुआ(मम्प्स) आनुवांशिक रोग है

# विटामिन ए की कमी से रतौंधी,

# बी1 की कमी से बेरीबेरी,

# विटामिन सी की कमी से स्कर्वी,

# विटामिन डी की कमी से रिकेटस बच्चो में तथा ओसिटयो मलेशिया वयस्को में होता है।

# एडवर्ड जेनर ने चेचक रोग के टीके की खोज की थी।

# जीवाणु तथा विषाणु के कारणवष संक्रामक रोग होते है।

# पशुओं का फुट एण्ड माउथ रोग जीवाणु के कारण हेाते है।

# खसरा रोग को एण्टीबायोटिक्स द्वारा ठीक नही किया जा सकता है।

# अल्जाइमर रोग में मानव शरीर का मश्तिष्क प्रभावित होता है।

# इंसुलिन की कमी से मधुमेह रोग होता है।

# निद्रा रोग नामक बीमारी टि्रपनोसोमा एक कोशिकीय जीव से होती है।

# निद्रा रोग फैलाने वाली मक्खी को सी सी मक्खी कहा जाता है

# एक वर्णान्ध पुरूष का विवाह एक सामान्य स्त्री से होता है। जिसके माता पिता की दृशिट भी सामान्य थी उनके बच्चों की वर्णान्ध होने की सम्भावना 50 प्रतिशत हेागी यह एक वंशानुगत रोग है इस रोग में रोगी को हरे एवं लाल रंग की पहचान करने की क्षमता नही होती है।

# फाइलेरिया , कालाजार, स्लीपिंग सिकनेस, पीला बुखार सभी प्रेाटोजोआ (कीट) द्वारा फैलता है।

# जोडों में दर्द का एक कारण विटामिन सी की कमी होना है।

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