संज्ञा - परिभाषा, भेद, उदाहरण एवं अभ्यास (प्रश्न/उत्तर) | Sangya in Hindi

संज्ञा - परिभाषा, भेद, उदाहरण एवं अभ्यास (प्रश्न/उत्तर) | Sangya in Hindi

    Sangya in Hindi, Sangya ki paribhasha, Sangya ke bhed / Sangya ke prakar (Vyaktivaachak Sangya, Jaativaachak Sangya, Bhaav-vaachak Sangya, Dravy-vaachak Sangya, Samooh-vaachak Sangya) Sangya ke udaharan in Hindi.

    आज हम यहाँ इस पोस्ट में संज्ञा (in Hindi), संज्ञा की परिभाषा, संज्ञा के भेद या संज्ञा के प्रकार (व्यक्तिवाचक संज्ञा,जातिवाचक संज्ञा, भाववाचक संज्ञा, द्रव्यवाचक संज्ञा, समूहवाचक संज्ञा), संज्ञा के उदाहरण एवं संज्ञा के अभ्यास (प्रश्न/उत्तर) को पढ़ने तथा समझने का प्रयास करेंगे। हिंदी - व्याकरण में संज्ञा को समझने के लिए हमने यहाँ संज्ञा की परिभाषा और संज्ञा के उदाहरणों द्वारा बेहतर ढंग से समझने का प्रयास किया है।

    संज्ञा - Sangya in Hindi

    संज्ञा की परिभाषा - किसी व्यक्ति, वस्तु, प्राणी, भाव और जगह आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।

    उदाहरण- रामायण हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ है।

    मछलियाँ नदी में तैर रही है।

    बुराई से बचो।

    खेतों की हरियाली ने सबका मन मोह लिया।

    महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई है।

    'रामायण', 'मछलियाँ', 'बुराई', 'हरियाली', 'महाराष्ट्र' तथा 'मुंबई' 'संज्ञा शब्द' हैं। इनके अतिरिक्त नदी, खेतों, ग्रंथ आदि भी संज्ञा शब्द हैं।

     

    इस संसार में प्रत्येक व्यक्ति स्थान वस्तु भाव का कुछ कुछ नाम अवश्य होता है यह नाम ही 'संज्ञा' कहलाता है।

     

    संज्ञा की पहचान -

    जो खास व्यक्ति, वस्तु का ज्ञान (नाम) करावे व्यक्तिवाचक कहा जाता हैं संपूर्ण में जाति का बोध जो करावे जातिवाचक कहा जाता हैं।

    किसी द्रव्य का नाम जो बोध करावे

    उसे द्रव्यवाचक कहा जाता हैं।

    जो भी नाम समूह बताये समूहवाचक कहते हैं।

    जब भी गुण दोष भाव बताएं तब भाववाचक संज्ञा होती है।

     

    संज्ञा के भेद | संज्ञा के प्रकार | Sangya ke bhed

    हिंदी व्याकरण में संज्ञा के निम्नलिखित 3 भेद या प्रकार हैं-

    1) व्यक्तिवाचक संज्ञा (Vyaktivaachak Sangya)

    2) जातिवाचक संज्ञा (Jaativaachak Sangya)

    3) भाववाचक संज्ञा (Bhaav-vaachak Sangya)

     

    1) व्यक्तिवाचक संज्ञा

    परिभाषा - जो संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का बोध कराती है उसे 'व्यक्तिवाचक संज्ञा' कहते हैं।

    जैसे:

    . रविशंकर प्रसिद्ध सितारवादक हैं।

    . रामचरितमानस हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ है

    . महाभारत की रचना वेदव्यास ने की थी

    . सचिन तेंदुलकर भारत का महान बल्लेबाज है

    . शिवानी सातवीं कक्षा में पढ़ती है।

    . दिल्ली भारतवर्ष की राजधानी है

    . लालकिला लाल पत्थर का बना है

             उपर्युक्त वाक्यों में 'रविशंकर', 'वेदव्यास', 'सचिन तेंदुलकर' और 'शिवानी' शब्द विशेष व्यक्तियों का बोध कराते हैं; 'रामचरितमानस', 'महाभारत', शब्द विशेष ग्रंथों का बोध कराते हैं और 'दिल्ली', 'भारतवर्ष' विशेष स्थानों का नाम है और 'लालकिला' ऐतिहासिक स्मारक हैं। अतः ये सभी 'व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ' हैं।

     

    2) जातिवाचक संज्ञा

    परिभाषा - जिस संज्ञा शब्द से एक प्रकार की अथवा जाति की वस्तुओं और प्राणियों का बोध होता है, उन्हें 'जातिवाचक संज्ञा' कहते हैं।

     

    . हमारे शहर के आस-पास कई गाँव हैं।

    . अभिषेक बच्चों के साथ खेल रहा है।

    . भारतवर्ष में अनेक नदियाँ बहती हैं।

    . मनुष्य सर्वश्रेष्ठ प्राणी है।

    . पुस्तक पढ़ना अच्छी आदत है।

           

               उपर्युक्त वाक्यों में 'शहर' - समस्त शहरों; 'गाँव' - समस्त गाँवों; 'बच्चों', समस्त बच्चों; 'नदियों'

    समस्त नदियों; 'मनुष्य' - समस्त मनुष्य जाती; 'प्राणी' समस्त प्राणियों और 'पुस्तक' - समस्त पुस्तकों का बोध करा रहे हैं। अतः यह जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं।

    जातिवाचक संज्ञा के भी दो प्रकार होते हैं।

    . द्रव्यवाचक संज्ञा

    वे संज्ञा शब्द जो ऐसे वह पदार्थों का बोध करवाते हैं जिनसे वस्तुएँ बनती है एवं उनका माप तोल किया जा सकता है, उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं।

    जैसे - सोना, चांदी, पीतल, लकड़ी, दूध आदि।

     

    . समूहवाचक संज्ञा

    वे संज्ञा शब्द जो किसी समूह या समुदाय का बोध करवाते हैं, उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।

    जैसे - परिवार, कक्षा, सेना, दल, जनता, भीड़ आदि।

     

    कुछ बातें हमें हमेशा याद रखनी चाहिए।

    समूहवाचक संज्ञा उनके निम्न प्रयोग सुनिश्चित होते हैं, इन्हें बदला नहीं जा सकता। अर्थात कुछ शब्द ऐसे होते हैं इतने हम लोग बदल नहीं सकते।

    जैसे - पर्वतों की श्रृंखला

    नक्षत्रों का मंडल।

    तारों का पुंज

    कागज का दस्ता।

    सैनिकों, स्वयंसेवकों का जत्था

    चोरों का गिरोह।

    गायकों की मंडली।

    कर्मचारियों या मजदूरों का संग भेड़ों का झुंड। प्रतिनिधियों का शिष्ट मंडल।

     

    3) भाववाचक संज्ञा

    परिभाषा - जो संज्ञा शब्द किसी वस्तु, व्यक्ति, आदि के गुण, कर्म, दशा, अवस्था आदि भावों का बोध कराते हैं उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

    जैसे :

    . बचपन की बातें मुझे आज भी याद है।

    . हमें सबसे प्रेम करना चाहिए।

    . लड़ाई मत करो।

    . तुलसीदास की अनन्य भक्ति लोक प्रसिद्ध है।

    . विद्यार्थियों को हमेशा अपनी लिखावट पर ध्यान देना चाहिए।

           उपर्युक्त वाक्यों में 'बचपन', 'प्रेम', 'लड़ाई', 'भक्ति', और 'लिखावट' शब्द दशा, गुण, अवस्था, कर्म आदि भावों का बोध करा रहे हैं। अतः यह सभी 'भाववाचक संज्ञाएँ' हैं।

     

    भाववाचक संज्ञाएँ बनाना -

    भाववाचक संज्ञाएँ निम्नलिखित पाँच प्रकार के शब्दों से बनती है- 

    ) जातिवाचक संज्ञा से             ) सर्वनाम से

    ) विशेषण से                         ) क्रिया से

    ) अव्यय से

     

    () जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा बनाना -

    जातिवाचक संज्ञा - भाववाचक संज्ञा

    मनुष्य                   मनुष्यता, मनुष्यत्व

    शिशु                     शैशव

    बूढ़ा                      बुढ़ापा

    कवि                     कवित्व

    युवा                     यौवन

    राष्ट्र                     राष्ट्रीयता

    डाकू                    डकैती

    नेता                     नेतृत्व

    लड़का                  लड़कपन

    बच्चा                    बचपन

    सज्जन                 सज्जनता

    गुरु                      गौरव गुरुता

    दानव                   दानवता

    मानव                   मानवता

    भक्त                    भक्ति

    मजदूर                 मजदूरी

    ब्राह्मण                 ब्राह्मणत्व

    व्यक्ति                  व्यक्तित्व

    अमर                  अमरत्व अमरता

    भाई                    भाईचारा

    चिकित्सक            चिकित्सा

    सेवक                  सेवा

    कुमार                  कौमार्य

    नारी                    नारीत्व

    बालक                 बालकपन

    चोर                    चोरी

    सती                   सतीत्व

    पंडित                 पांडित्य

     

    () सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा बनाना

    सर्वनाम   -  भाववाचक संज्ञा

    अहं             अहंकार

    स्व              स्वत्व

    आप           अपनत्व, आपा

    निज           निजत्व

    पराया         परायापन

    मम            ममता, ममत्व

    सर्व            सर्वस्व

    एक            एकता

     

    () विशेषण से भाववाचक संज्ञा बनाना -

    विशेषण - भाववाचक

    अच्छा        अच्छाई

    आलसी      आलस्य

    हरा           हरियाली

    मीठा         मिठास

    मधुर         माधुर्य

    उदार        उदारता

    वाचाल      वाचालता

    वीर          वीरता

    प्यास        प्यासा

    सरल        सरलता

    सूक्ष्म        सूक्ष्मता 

    धीर         धैर्य 

    क्रूर         क्रूरता

    चौड़ा       चौड़ाई

    ऊँचा       ऊँचाई

    महात्मा    महात्म्य

    भयानक   भय

    गहरा       गहराई

    ललित     लालित्य

    दुर्जन      दुर्जनता

    सज्जन    सज्जनता

    कायर      कायरता

    महँगा      महँगाई

    निपुण     निपुणता

    सफल     सफलता

    खट्टा       खटास, खट्टापन

     

    () क्रिया से भाववाचक संज्ञा बनाना -

    क्रिया      -      भाववाचक

    खेलना                खेल

     उड़ना                उड़ान

    लेना-देना            लेन-देन

    पूजना                 पूजा

    रहना-सहना         रहन-सहन

    खाना-पीना          खान-पान

    हँसना                 हँसी

    उलझना              उलझन

    जीतना                जीत

    चलना                 चाल

    पहुँचना                पहुँच

    माँगना                 माँग

    लूटना                 लूट

    कमाना               कमाई

    बनाना                बनावट

    काटना               कटाई

    थकना               थकावट

    सीना                 सिलाई

     

    () अव्यय से भाववाचक संज्ञा बनाना -

    अव्यय      -       भाववाचक

    शाबाश                शाबाशी

    शीघ्र                   शीघ्रता

    दूर                     दूरी

    जल्द                  जल्दी

    भीतर                 भीतरी

    ऊपर                  ऊपरी

    बाहर                  बाहरी

    मना                   मनाही

    निकट                निकटता

    धिक                  धिक्कार

    परस्पर               पारस्परिक

    आगे - पीछे         आगा- पीछा

    नीचे                  निचाई

    समीप                सामीप्य, समीपता

     

    संज्ञा के अभ्यास & प्रश्न/उत्तर

     प्रश्न 1) दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उसे लिखिए -

    . संज्ञा के मुख्य रूप से कितने भेद होते हैं?

    ) पाँच        ) तीन         ) दो

    . निम्नलिखित शब्दों में से कौन सा शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा के अंतर्गत नहीं आता है ?

    )रविशंकर    ) रामचरितमानस     ) कक्षा   

    . निम्नलिखित शब्दों में से कौन सा शब्द जातिवाचक संज्ञा के अंतर्गत नहीं आता है?

    ) राजधानी       ) शहर      ) दिल्ली   

    . निम्नलिखित शब्दों में से कौन सा शब्द भाववाचक संज्ञा के अंतर्गत नहीं आता है ?

    ) धैर्य          ) अहंकार      )आलसी

    . भाववाचक संज्ञा कितने प्रकार के शब्दों से बनती है?

    ) पाँच प्रकार के शब्दों से   

    ) तीन प्रकार के शब्दों से

    ) दो प्रकार के शब्दों से

     

    प्रश्न 2) निम्नलिखित गद्यांश में से संज्ञा शब्द छाँटकर निर्दिष्ट स्थानों में लिखिए:

                 जयपुर के मानसिंह अपने समय के बड़े नामी योद्धा थे। अकबर के दरबार में उनका सम्मान था। एक समय की बात है कि वह अपने कुछ सिपाहियों के साथ कहीं से लौट रहे थे। रास्ते में ही चित्तौड़ पड़ा और उनको राणा प्रताप की याद आई वे राणा प्रताप से मिलने उनके महल तक गए। राणा प्रताप ने मानसिंह का आदर - सत्कार तो खूब किया, पर भोजन के समय उनके साथ खाने नहीं बैठे। उन्होंने अपनी जगह पर अपने बड़े बेटे को बैठा दिया।

     

    व्यक्तिवाचक संज्ञा - __________________________________

    जातिवाचक संज्ञा - __________________________________

    भाववाचक संज्ञा - __________________________________

     

    प्रश्न 3) इन शब्दों को पढ़िए और संज्ञा के भेद लिखिए -

    हँसी -                      हरियाली -

    लिखावट -                हिमालय -

    सतीत्व -                  जंगल-

    गरमी -                    चोरी -

    यमुना -                    पुरुष -

    भगवान -                 चावल -

    कमाई -                    लूट -

    नदी -                       दूध -

    कक्षा -                     लेना -

    पीतल -

     

    प्रश्न 4) निम्नलिखित वाक्यों में से संज्ञा शब्द रेखांकित कर उसके भेदों के नाम लिखिए।

    ) कोयल की वाणी में मिठास है

    ) अभिषेक छुट्टियां मनाने नैनीताल गया

    ) हरा रंग खुशहाली का प्रतीक है

    ) कक्षा के सभी विद्यार्थी पिकनिक पर गए

    ) प्रधानमंत्री ने लाल किले पर झंडा फहराया

    ) सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया

    ) मुझे अपना बचपन बहुत याद आता है।

    ) बाइबल ईसाईयों का पवित्र ग्रंथ है।

     

    उत्तर-

    प्रश्न 1)

    . तीन

    . कक्षा

    . दिल्ली

    . आलसी

    . पाँच प्रकार के शब्दों से

    प्रश्न 2)

    व्यक्तिवाचक संज्ञा - मानसिंह, अकबर,चित्तौड़,राणा प्रताप, जयपुर।

    जातिवाचक संज्ञा - योद्धा, दरबार, सिपाहियों, महल।

    भाववाचक संज्ञा - सम्मान, आदर - सत्कार।

    प्रश्न 3)

    हँसीभाववाचक      हरियाली - भाववाचक

    लिखावट -भाववाचक  हिमालय - व्यक्तिवाचक

    सतीत्व -भाववाचक     जंगल- जातिवाचक

    गरमी -भाववाचक        चोरी - भाववाचक

    यमुना -व्यक्तिवाचक     पुरुष - जातिवाचक

    भगवान -जातिवाचक   चावल - जातिवाचक

    कमाई -भाववाचक      लूट - भाववाचक

    नदी -जातिवाचक        दूध - द्रव्यवाचक

    कक्षा -जातिवाचक      सेना - जातिवाचक

    पीतल - व्यक्तिवाचक

    प्रश्न 4)

    ) कोयल -व्यक्तिवाचक, मिठास - भाववाचक

    ) अभिषेक - व्यक्तिवाचक, नैनीताल - व्यक्तिवाचक

    ) खुशहाली - भाववाचक

    ) कक्षा - जातिवाचक, विद्यार्थी, पिकनिक - जातिवाचक

    ) लालकिले - व्यक्तिवाचक, झंडा, प्रधानमंत्री - जातिवाचक

    ) सम्राट अशोक, बौद्ध धर्म - व्यक्तिवाचक

    ) बचपन - भाववाचक

    ) बाइबल, ईसाईयों - व्यक्तिवाचक, ग्रंथ - जातिवाचक।


    #sangya in hindi #sangya ki paribhasha #sangya ke bhed #sangya ke prakar #sangya ke kitne bhed hote hain #sangya ke udaharan #sangya ki exercise #sangya kise kahate hain #sangya ki paribhasha udaharan sahit

    Please Share . . .

    Related Links -
    पढ़ें: टॉपर्स नोट्स / स्टडी मटेरियल-

    0 Comments:

    Post a Comment

    Around The World / जरा हटके / अजब गजब