करणियों का जोड़ना , घटाना, गुणा, भाग तथा परिमेयकरण (addition, substracition, multiplication, divisin and rationalisation of surds)

करणियों का जोड़ना , घटाना, गुणा, भाग तथा परिमेयकरण (addition, substracition, multiplication, divisin and rationalisation of surds)

    करणियों का जोड़ना और घटाना : हम  करणी को  जोड़ या  घटा सकते हैं  केवल जब वे सरलतम रूप में हो । बंटन नियम से समरूप करणियॉं को जोड़ और घटा सकते हैं ।
       
    नियम: 
           
      


                 उदाहरण:       




    करणियों की जोड़ना और   घटाना पर आधारित  कुछ उदाहरण



     करणियों का जोड़ना , घटाना -   उदाहरण
    करणियों की गुणा: दो  समान घात वाली करणियों को निम्लिखित नियमानुसार गुणा किया जासकता है

    नियम:     aa x ab = aab

    उदाहरण:      36 x 35 = 330

    और अगर करणियों की एक घात न हो तो नियम लागू करने से पहले उन्हें समान घात में परिवर्तित कर लें




    करणियों की भाग: दो  समान घात वाली करणियों को निम्लिखित नियमानुसार भाग किया जासकता है

    नियम:     aa / ab = aa/b

    उदाहरण:      36 / 35 = 3(6/5)

    और अगर करणियों की एक घात न हो तो नियम लागू करने से पहले उन्हें समान घात में परिवर्तित कर लें


    करणियों की गुणा और भाग पर आधारित  कुछ उदाहरण 

    करणियों की गुणा और भाग पर आधारित  कुछ उदाहरण


    करणी का परिमेयकरण: यदि दो करणियों का गुणनफल एक परिमेय संख्या हो तो उनमे से प्रत्येक को एक दुसरे का परिमेयकारी गुणक (Rationlising factor ) कहा जाता है ।

    करणी वाले दो  द्विपद (Binomial)जिनमे केवल केवल उन्हें जोड़ने (+ या - ) चिन्ह  हो उन्हें एक दुसरे का परस्पर संयुग्मी कहा जाता है एक गुणफल एक परिमेय संख्या होती है इसलिए किसी द्विपद  द्विघात करणी का परिमेयकारी गुणक उसका संयुग्मी होता है  

    इस प्रकार (a-b) ऐवम (a+b) एक दुसरे के संयुग्मी है ।

    और
    (3-5) का परिमेयकारी गुणक (3+5) है ।

    और
    (7+5) का परिमेयकारी गुणक (3-5) है ।

    करणी का परिमेयकरण: उदाहरण

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